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Complaint #102 — Ranjeet Gupta

Filed: 9 Jul 2012  ·  Address: 25-Raghunath nagar, opp. akashvani, mahmoorganj, varanasi
महोदय, श्रीराम सिटी यूनियन फायनेंस लिमिटेड के वाराणसी शाखा (अरिहंत काम्प्लेक्स-सिगर) से दिनांक १०-०५-२००७ को टी० वी० एस मोटर साइकिल के लिए रूपया २५०००/- फायनेंस कराया था. सभी पेमेंट चेक के माध्यम तथा एक पेमेंट नगद कर दिया था. फरवरी २०१२ तक न तो मुझे नो-ड्यूज पेपर दिया गया था और ना ही गाड़ी ट्रान्सफर पेपर. ४ मार्च २०१२ मेरी गाड़ी चोरी हो गई थी, ४ अप्रैल २०१२ को मैं नई गाड़ी लेने के लिए बनारस ऑटो ट्रेडर्स सिगरा के शोरूम पर गया था, वही मैंने श्रीराम फायनेंस के स्टाफ से इस संदर्भ में चर्चा की उससे प्राप्त नंबर पर मैंने श्री अंकुर सिंह से बात की. उन्होंने बताया की चेक बाउंस चार्ज ३६० रुपये बकाया हैं, मैंने सवाल किया की यदि कोई बकाया था, तो मुझे नोटिस क्यों नहीं भेजा गया. उन्होंने कहा की मैं लीगल से बात करके बताता हूँ. इसके पश्चात मुझे सम्भवत: १५ जून को एक पत्र प्राप्त हुआ डिमांड नोटिस के रूप में जिसमे मुझसे रुपये ७३८ तथा २५० रुपये जमा करने को कहा गया हैं. इस संदर्भ में श्री अंकुर सिंह ( मो० न० ९९१८०२२२२८) तथा अधिवक्ता अवध बिहारी पाण्डेय (मो०न० ९९१९००२३४०) से संपर्क कर नोटिस एवं बकाये के बारे में पूछा तो बताया गया की बाउंस चेक के एमाउंट पर ब्याज जोड़ा गया हैं. मैंने सवाल किया की जब मुझे नोटिस ही नहीं दिया गया था तो ब्याज कैसे लिया जायेगा. और जब मैंने स्वयं ड्यूज की जानकारी मांगी तो मुझे लीगल नोटिस भेज कर क्यों २५० रुपये की मांग की जा रही हैं. इस बारे में कम्पनी का ईमेल आईडी माँगा तो कहा गया की ईमेल आईडी नहीं हैं. टोल फ्री नंबर १८००४२५३२२१ दिया गया, जिस पर २८-०६-१२ को दोपहर १२:३० बजे मैंने सं

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